अम्बर विशाल तडपता है धरती को
रोता है चिघाड़ कर देख कर अपनी शक्ति को
वसुंधरा फिर भी आसुओ को खुद मे समां लेती है
कहती है बारम्बार
ना मिल सके हम तो क्या है
फिर भी हम ये दिव्य सन्देश देगे
देख लेना छितिज पर ना मिल कर भी
हम मिल जाते है
कितनी भी कोशिश कर ले दुनिया
फिर भी हम एक नज़र आते है
मिलाता है इन्द्रधनुष जमी आकाश को
मरने ना देगे हम प्यार के एहसास को
रोता है चिघाड़ कर देख कर अपनी शक्ति को
वसुंधरा फिर भी आसुओ को खुद मे समां लेती है
कहती है बारम्बार
ना मिल सके हम तो क्या है
फिर भी हम ये दिव्य सन्देश देगे
देख लेना छितिज पर ना मिल कर भी
हम मिल जाते है
कितनी भी कोशिश कर ले दुनिया
फिर भी हम एक नज़र आते है
मिलाता है इन्द्रधनुष जमी आकाश को
मरने ना देगे हम प्यार के एहसास को