वक़्त के निर्भर ना हो,दिल कोई खुवाइश उठा
बंद कर ले खताए,नई कोई आजमाइश उठा
चल बढ़ कदम रख,अपनी फरमाइश बता
तेरा ही है चमन , एक बार तो जता
वक़्त के निर्भर ना हो,दिल कोई खुवाइश उठा
गुजर जा काफिला बनकर , तम्बूओ को उठा
चल बढ़ कदम रख, अपनी पैदाइश बता
तू भी है अंश खुदा का , एक बार तो जता
बंद कर ले खताए,नई कोई आजमाइश उठा
मिटा दे सलवटे , कुलाड़ी उठा
काट दे बंदिशे नई कोई गुजारिश उठा
तेरा ही है चमन , एक बार तो जता
वक़्त के निर्भर ना हो,दिल कोई खुवाइश उठा
बंद कर ले खताए,नई कोई आजमाइश उठा