अर्श की तामीरदारी ना कर
तमंगो की खरीददारी ना कर
जादा होशयारी ना कर
खुवाबो की पहरेदारी ना कर
सपनों की चारदीवारी ना कर
मन को अपने पटवारी ना कर
हो सके तो सुधर
रिश्तो मे कालाबाजारी ना कर
पद की अपने गुरारी ना कर
बोझ बनके सवारी ना कर
हो सके तो निखर
समाज मे बीमारी ना कर