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शुक्रवार, 31 दिसंबर 2010

नई सुबह

नई सुबह के आगाज मे जोश मिला ले
आज फिर अपने कदम जमा ले
मुश्किले आती है हल होने को
ऐ नौजवा  हथियार उठा ले
कस ले बदन को ताल मिला ले
दे खुद को मौका चमन खिला ले
नई सुबह के आगाज मे जोश मिला ले
आज फिर अपने कदम जमा ले
चूम ले मंजिले शजर उगा ले
नई सुबह का असर मिला ले
तोड़ दे बंदिशों के अंधियारे
जगमगा ले जगमगा ले
मुश्किले आती है हल होने को
ऐ नौजवा  हथियार उठा ले