मेरे बारे में

शुक्रवार, 7 जनवरी 2011

महोबत के ताले

जुबा पे मेरी, महोबत के ताले
कौन संभाले दिल, कौन संभाले
चाह मे तेरी, खड़े है मतवाले
कैसे, अपने अरमान निकाले
जुल्फे तेरी, बादल काले
चखा दे हमे , इसक निवाले
कौन संभाले दिल, कौन संभाले
आँखों मे मेरी, अपने सपने बुनाले
कौन संभाले दिल, कौन संभाले
सुन ले अब तो, मेरे नाले
तुने ही उठाए है, जिगर मे छाले
कैसे अपने, अरमान निकाले
जुल्फे तेरी, बादल काले
कैसे तुझे, दिल से निकाले
जब तू ही,  डाका डाले
जुबा पे मेरी , महोबत के ताले
कौन संभाले दिल, कौन संभाले