बेचने चली थी रुसवाई बाज़ार मे
पाई हैवानियत हर एक खरीददार मे
संभालती कैसे दिल चिथड़ो के हार मे
कैसे करती फर्क बेवफाई और प्यार मे
हर कोई जैसे बस जाना चाहता था
मै हूँ दीवाना , मै हूँ दीवाना
बस यही कहता था
लेता न था गम कोई
बस देना चाहता था
खोई थी मै अपने ही विचार मै
मिली खुद से तो एहसास हुआ
जैसे ही मैंने अपने दिल को छुआ
खिल उठा रुवा-रुवा
मेरी सदाओ ने रुख मोड़ दिया
जागी तो जग छोड़ दिया
अब तो तुम ही हो साँसों के फेरो मे
सुबहे के उजालो मे रातो के घेरो मे
मेरे कृष्ण अब मै हूँ तेरी
तू ही शाम तू ही दुपहरी
लगाईं है तुने जो इसक कचेहरी
मै तेरी ,मै तेरी ,मै तेरी मै तेरी
पाई हैवानियत हर एक खरीददार मे
संभालती कैसे दिल चिथड़ो के हार मे
कैसे करती फर्क बेवफाई और प्यार मे
हर कोई जैसे बस जाना चाहता था
मै हूँ दीवाना , मै हूँ दीवाना
बस यही कहता था
लेता न था गम कोई
बस देना चाहता था
खोई थी मै अपने ही विचार मै
मिली खुद से तो एहसास हुआ
जैसे ही मैंने अपने दिल को छुआ
खिल उठा रुवा-रुवा
मेरी सदाओ ने रुख मोड़ दिया
जागी तो जग छोड़ दिया
अब तो तुम ही हो साँसों के फेरो मे
सुबहे के उजालो मे रातो के घेरो मे
मेरे कृष्ण अब मै हूँ तेरी
तू ही शाम तू ही दुपहरी
लगाईं है तुने जो इसक कचेहरी
मै तेरी ,मै तेरी ,मै तेरी मै तेरी