दिल की आवाज़
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Sanjay Kumar Rathi
New Delhi, Delhi, India
Hindi Shayari
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शुक्रवार, 7 जनवरी 2011
होशियार
होशियार ऐ हवा के मै आ रहा हूँ
होशियार ऐ गगन के मै गा रहा हूँ
तड़ित जरा संभल
देख तो चमक मेरी
तारो को मै ही चमका रहा हूँ
और जो तुज्को गरूर है फिजा
तो तू भी देख ले
मै मौन हो कर भी
गुनगुना रहा हूँ
Sanjay Kumar Rathi
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