दे कर विराम काम को कुछ धयान करे
आँखों मे अपनी सपनो के रंग भरे
भरे उड़ान साथ साथ मोतिओ से झरे
फेला कर झोली रहमत भरे
दे कर विराम काम को कुछ धयान करे
बुन ले गीतों को सांसो के परे
आँखों मे अपनी सपनो के रंग भरे
उमीदो पर उतरे खरे
चल आज कुछ नेक काम करे
भरे उड़ान साथ साथ मोतिओ से झरे
दे कर विराम काम को कुछ धयान करे
Sanjay Kumar Rathi