मेरे बारे में

गुरुवार, 22 दिसंबर 2011

मोरे पिया

मन बदला
मन बदल गया
मोरे पिया तू क्यों छल गया
राते काली कटती ना थी
तू दिन भी काले कर गया

मन बदला
मन बदल गया
मोरे पिया, तू क्यों छल गया
किसको तकेगे, अब ये नैना
सुनी थी राहे, तू दिल भी सूना कर गया

मन बदला
मन बदल गया........

बद्लेगे लोग, बदलेगा मौसम
मै कैसे बदलू,  तू चोराहे पे धर गया
मन बदला
मन बदल गया
मोरे पिया, तू क्यों छल गया