मन बंधन के तोड़ दे ताले
जाने किस ताल खिले उजाले
चल गर्दिश को दे भुला
थोडा होश तो संभाले ...
चलती नाव मे कील क्यों ठोके
जब दिखने लगे किनारे
चल रातो मे रंग भर दे
फूलो मे भरे उजाले....
जाने किस के मन मे क्या है
किस से अब क्या मांगे
चल थोडा सा शर्बत बाटे
खोले बंदिश के धागे..
जाने किस ताल खिले उजाले
चल गर्दिश को दे भुला
थोडा होश तो संभाले ...
चलती नाव मे कील क्यों ठोके
जब दिखने लगे किनारे
चल रातो मे रंग भर दे
फूलो मे भरे उजाले....
जाने किस के मन मे क्या है
किस से अब क्या मांगे
चल थोडा सा शर्बत बाटे
खोले बंदिश के धागे..
मन बंधन के तोड़ दे ताले
जाने किस ताल खिले उजाले...