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बुधवार, 28 अक्टूबर 2020

कर्म

कर्म किए वह भरने होंगे

फिर नए कर्म करने होंगे


कभी उड़ेंगे रंग जीवन के कभी नए रंग भरने होंगे

मेरा तेरा कुछ नहीं जग में कभी सभी अपने कभी सभी पराए


एक पल में बन जाए बादशाह एक पल में भिखारी नजर आए


सपनों की उड़ान बड़ी गहरी कभी सुबह कभी कड़ी दुपहरी


कुछ जीने कुछ मरने होंगे

कभी उड़ेंगे रंग जीवन के कभी नए रंग भरने होंगे

**÷÷SANJAY KUMAR RATHI÷÷**