हिन्दुस्ता तेरा है , मेरा है
ये दिल है धड़कन है रोज नया सवेरा है
सबकी आशा सबकी भाषा
लिखता रोज नई परिभाषा
विषमता में एकता का डेरा है
रोज नया सवेरा है
हिन्दुस्ता तेरा है ,मेरा है
रहमत है आदत है चाहत है
तेरी मिट्टी मेरी इबादत है
जैसे बगीचा कोई घनेरा है
तेरा है ,मेरा है ,तेरा है, मेरा है
हिन्दुस्ता, हिन्दुस्ता, हिन्दुस्ता
रोज नया सवेरा है
****SANJAY KUMAR RATHI****