मेरे बारे में

बुधवार, 28 अक्टूबर 2020

मैं पूछता हूं

 मैं पूछता हूं इन दर ओ दिवारों से

कभी तो बाहर निकलो बंद दरवाजों से 

तराशो खुद को खुद का खुदा हो जाओ 

निकलो बुतों से जुदा हो जाओ

रंग-बिरंगे आसमानों से 

मिलाओ तो नजर मैदान से 

फरमानो से एहसानों से 

दबे पड़े हो क्यों सामानों से  

निकलो बुतों से जुदा हो जाओ

तराशो खुद को खुद का खुदा हो जाओ

कभी तो बाहर निकलो बंद दरवाजों से

मैं पूछता हूं इन दर ओ दिवारों से

शहरों से खलियानो से

निकालो खुद को म्यानो से

रंग-बिरंगे आसमानों से

मिलाओ तो नजर  मैदानों से

  ****SANJAY KUMAR RATHI****